Aug 14, 2019

देश का भविष्य संवारने वाले हाथ मजदूरी करके, सब्जी बेचकर और दूसरे छोटे-मोटे काम करके पेट पालने को मजबूर शिक्षामित्र

देश का भविष्य संवारने वाले हाथ मजदूरी करके, सब्जी बेचकर और दूसरे छोटे-मोटे काम करके पेट पालने को मजबूर हैं। परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक पद पर समायोजन निरस्त होने के बाद शिक्षामित्रों के हालात बदतर हो गए हैं। 25 जुलाई 2017 तक शिक्षामित्रों को जहां 42 हजार रुपये तक वेतन मिल रहा था वहीं समायोजन निरस्त होने के बाद मानदेय के रूप में प्रतिमाह मात्र 10 हजार रुपये दिया जा रहा है।

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