May 1, 2021

कोरोना की वजह से कारोबार पर पड़े प्रभाव को देखते हुए श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों की सहायता

 कोरोना की वजह से कारोबार पर पड़े प्रभाव को देखते हुए श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों की सहायता की जा रही है। सरकार ने श्रमिकों के हितों को देखते हुए 28 दिन का सवेतन अवकाश देने का निर्णय लिया है। ऐसे सभी कारखानों और संस्थानों में यह लागू होगा, जहां श्रमिक अधिनियम लागू है। इसके अलावा कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए श्रम विभाग की ओर से कई योजनाओं का संचालन संक्रमण काल में भी लागू रहेगा। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस (एक मई) पर उन योजनाओं के बारे में विभाग द्वारा ऑनलाइन जानकारी भी दी जाएगी।



श्रमिकों के बच्चे गुणवत्तायुक्त शिक्षा ग्रहण कर सकें, इसके लिए संत रविदास शिक्षा सहायता योजना के तहत उनकी आर्थिक मदद की जाती है। पंजीकृत श्रमिकों को मिलने वाली यह रकम वर्तमान में राजधानी के 1.05 लाख श्रमिकों के साथ ही प्रदेश के करीब 40 लाख श्रमिकों को मिल रही है। सहायक श्रमायुक्त रवि श्रीवास्तव ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर सरकार की ओर से श्रमिक नेताओं से बातचीत कर योजनाओं का फीडबैक भी लिया जाएगा। कोरोना संक्रमण के चलते सभी योजनाएं ऑनलाइन हो गई हैं। किसी भी श्रमिक को कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। श्रमिकों को दो संतान तक 12 हजार रुपये शिशु हितलाभ मिलता है। संतान कन्या होगी तो यह रकम 15 हजार रुपये होती है। धनराशि पंजीकृत श्रमिक के खाते में सीधे भेजी जाती है।

प्रतिमाह मिलने वाली रकम

कक्षा एक से पांच तक>>100

कक्षा छह से आठ तक>>150

कक्षा नौ से 10 तक>>200

कक्षा 11 से 12 तक>>250

आइटीआइ>>500

पालीटेक्निक डिप्लोमा>>800

इंजीनियरिंग 3000

मेडिकल 5000

पीएचडी 8000

ये हैं मुख्य योजनाएं

’कार्यस्थल पर श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर पांच लाख की सहायता।

’कार्यस्थल पर गंभीर रूप से घायल व विकलांगता की श्रेणी में आने पर दो लाख की तत्काल सहायता।

’श्रमिक के निधन पर अंत्येष्टि के लिए 25 हजार की तत्काल मदद।

’महिला श्रमिकों के मातृत्व लाभ के लिए उन्हें तीन महीने के वेतन के बराबर धनराशि और एक हजार बोनस।

’सामूहिक कन्या विवाह के लिए 75 हजार।

’बच्चों के लिए मेधावी छात्र योजना के तहत 4,000 से लेकर 12,000 तक की मदद।

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