Jun 22, 2021

यूपी बोर्ड हाईस्कूल-इंटरमीडिएट परीक्षा के रिजल्ट के लिए मूल्यांकन का फार्मूला तय

 लखनऊ : राज्य सरकार ने उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की वर्ष 2021 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में छात्रों के मूल्यांकन का फामरूला तय कर दिया है। इंटरमीडिएट के छात्रों का परीक्षाफल तैयार करने के लिए हाईस्कूल के 50 प्रतिशत, कक्षा 11 की वार्षिक/अर्धवार्षिक परीक्षा के 40 और कक्षा 12 की प्री-बोर्ड परीक्षा के 10 फीसद अंक जोड़े जाएंगे। हाईस्कूल परीक्षाफल के लिए कक्षा नौ और कक्षा 10 की प्री-बोर्ड परीक्षा के 50-50 प्रतिशत अंक अंक जोड़े जाएंगे।



कोरोना संक्रमण के कारण निरस्त की गईं यूपी बोर्ड की वर्ष 2021 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में प्रमोट किये जाने वाले छात्रों के अंकों के निर्धारण का फामरूला सुझाने के लिए अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंजूरी दे दी है। फैसले के बाद अब जल्द ही परिणाम घोषित होने की उम्मीद।

उप मुख्यमंत्री डा.दिनेश शर्मा ने रविवार को बताया कि यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट में मानविकी, विज्ञान, वाणिज्य, कृषि तथा व्यवसायिक सहित पांच विषय वर्गो में परीक्षाएं होती हैं। इनमें कई विषयों की प्रयोगात्मक परीक्षाएं भी होती हैं। यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर परीक्षार्थियों के कक्षा-10 की बोर्ड परीक्षा, कक्षा-11 की वार्षिक/अर्धवार्षिक परीक्षा, कक्षा-12 की प्री-बोर्ड परीक्षा व प्रयोगात्मक विषयों के अंक उपलब्ध हैं। इनके आधार पर वर्ष 2021 के इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों के अंक तय फामरूले से निर्धारित किये जाएंगे।

जिन विषयों में प्रयोगात्मक परीक्षाएं नहीं होती हैं और जिनका पूर्णाक 100 अंकों का होता है, उनमें परीक्षाफल के अंकों के निर्धारण करने के लिए कक्षा-10 की बोर्ड परीक्षा के कुल प्राप्तांक के औसत का 50 प्रतिशत निकाला जाएगा। यह औसत कक्षा-10 के सभी विषयों के कुल प्राप्तांक को कुल विषयों की संख्या यानी छह से विभाजित करके निकाला जाएगा।

कक्षा-11 की वार्षिक परीक्षा में संबंधित विषय के 100 अंक के पूर्णाक का 40 प्रतिशत अंक निकाला जाएगा। कक्षा-12 की प्री-बोर्ड परीक्षा में विषय के 100 अंक के पूर्णांक का 10 प्रतिशत अंक निकाला जाएगा। इसके बाद इन तीनों अंकों को जोड़कर परीक्षार्थी के विषयवार अंकों का निर्धारण किया जाएगा।


’>>इंटर में दसवीं के 50, ग्यारहवीं की वार्षिक/अर्धवार्षिक परीक्षा के 40 और बारहवीं के प्री-बोर्ड एग्जाम के 10 फीसद अंक जुड़ेंगे

’>>हाईस्कूल परीक्षाफल के लिए कक्षा नौ के 50 और दसवीं की प्री-बोर्ड परीक्षा के 50 प्रतिशत अंक जुड़ेंगे

इंटर के रिजल्ट को यूं समझें

यदि परीक्षार्थी ने कक्षा-10 की वार्षिक लिखित परीक्षा में 600 में से 300 अंक प्राप्त किये हैं, तब उसका औसत अंक 300/6=50अंक होगा। इसमें से 50 प्रतिशत देयता के अनुसार उसे 25 अंक दिये जाएंगे। कक्षा-11 में किसी विषय में यदि उसे 100 अंक में से 60 अंक मिले हैं तो उसका 40 प्रतिशत 24 अंक होगा। कक्षा-12 की प्री-बोर्ड परीक्षा में यदि उस विषय में उसे 50 अंक मिले हैं, तब उसका 10 प्रतिशत पांच अंक होगा। इस प्रकार उसके कुल 54 अंक होंगे।

18 जून के अंक में जागरण में प्रकाशित खबर

हाईस्कूल के परिणाम का फार्मूला

हाईस्कूल परीक्षाफल के लिए कक्षा-9 के 50 प्रतिशत और कक्षा-10 की प्री-बोर्ड परीक्षा के 50 प्रतिशत अंक जोड़े जाएंगे। विषय विशेष के कुल 100 अंक होते हैं, जिसमें से लिखित परीक्षा के 70 अंक और आंतरिक मूल्यांकन के 30 अंक होते हैं। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि आंतरिक मूल्यांकन के अंक बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड हैं। कक्षा-9 की वार्षिक परीक्षा के तहत हुई 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा कक्षा-10 की 70 अंक की लिखित प्री-बोर्ड परीक्षा के अंक बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड हैं। इसके लिए कक्षा-9 की 70 अंकों की वार्षिक विषयवार लिखित परीक्षा के 50 प्रतिशत अंक, कक्षा-10 की 70 अंकों की प्री-बोर्ड विषयवार लिखित परीक्षा के 50 प्रतिशत अंक और वर्ष 2021 में विद्यालय स्तर पर आयोजित हुई 30 अंकों की आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा के अंक जोड़े जाएंगे।

नहीं तैयार होगी मेरिट सूची

वर्ष 2021 की परीक्षा में उत्तीर्ण हुए परीक्षार्थियों की मेरिट सूची तैयार नहीं होगी। वर्ष 2021 के लिए पंजीकृत ऐसे सभी परीक्षार्थी जो अंक सुधार के लिए फिर से परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें अगली बोर्ड परीक्षा में शुल्क दिये बिना, अंक सुधार के लिए एक या एक से अधिक, कितने भी विषयों में परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाएगा। उनका परीक्षाफल वर्ष 2021 का ही माना जाएगा।

’>>संस्थागत परीक्षार्थियों के अलावा अन्य परीक्षार्थियों के परीक्षाफल तैयार करने की प्रक्रिया उनके उपलब्ध डाटा के आधार पर अलग तरीके से होगी।

’>>यदि परीक्षार्थियों के कक्षा-12 की प्रयोगात्मक परीक्षा/कक्षा-10 के आंतरिक मूल्यांकन के अंक उपलब्ध नहीं हैं, तो परीक्षार्थी को उस विषय विशेष के लिए लिखित परीक्षा के लिए निर्धारित प्रक्रिया से प्राप्त अंक को उस विषय विशेष के पूर्णांक के आधार पर समानुपातिक रूप से प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक प्रदान किये जाएंगे।

’>>इंटर के किसी भी परीक्षार्थी के कक्षा-11 की दोनों परीक्षाओं, कक्षा-12 की प्री-बोर्ड परीक्षा तथा हाईस्कूल के जिस किसी भी परीक्षार्थी के कक्षा-9 की वार्षिक परीक्षा, प्री-बोर्ड परीक्षा के अंक उपलब्ध नहीं होंगे, उन्हें बिना अंकों के प्रोन्नत किया जाएगा।

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