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Jun 22, 2021

अनलाक प्रक्रिया में जुलाई से शैक्षणिक संस्थानों को खोलने की तैयारी, कक्षाएं लगाने पर फैसला बाद में

 

कोरोना संक्रमण की स्थिति में सुधार होते देख देश भर में अनलाक की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। ज्यादातर राज्यों में बाजार, माल, रेस्टोरेंट, पार्क आदि को खोल दिया गया है, लेकिन स्कूल, कालेज समेत सभी शैक्षणिक संस्थान अभी बंद हैं। इन्हें जल्द खोलने की तैयारी है। माना जा रहा है कि जुलाई में कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा के बाद शैक्षणिक संस्थानों को दाखिले और परीक्षा इत्यादि के लिए खोलने की अनुमति दी जा सकती है। फिलहाल राज्यों से इस संबंध में राय ली जा रही है।

कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा के बाद होगा अंतिम फैसला

इस बीच, शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े शिक्षकों और दूसरे कर्मचारियों के वैक्सीनेशन पर जोर दिया गया है। सभी राज्यों को इस संबंध में जरूरी पहल करने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक अभी कक्षाएं लगाने यानी छात्रों को बुलाने पर फैसला नहीं लिया जाएगा। शैक्षणिक संस्थानों को खोलने का मकसद दाखिले और लंबित परीक्षा आदि की प्रक्रिया को तेजी से शुरू करना है, क्योंकि जुलाई में दसवीं और बारहवीं के भी नतीजे आने वाले हैं। कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर पूरी तरह से स्थिति साफ होने तक छात्रों को बुलाने का फैसला नहीं किया जाएगा।



राज्यों से ली जा रही राय

राज्यों को भी स्थिति देखकर निर्णय लेने की छूट दी गई है। यह पहल इसलिए भी तेज की गई है, क्योंकि जुलाई और अगस्त में इंजीनियरिंग में दाखिले के लिए जेईई मेन की लंबित दो परीक्षाओं और मेडिकल में दाखिले से जुड़ी नीट परीक्षा कराने की तैयारी है। इसके ज्यादातर परीक्षा केंद्र शैक्षणिक संस्थान ही होते हैं। यह पहल उस समय शुरू की गई है, जब तेलंगाना और बिहार समेत कई राज्यों ने जुलाई से शिक्षण संस्थानों को खोलने का एलान किया है। इस बीच केंद्रीय विद्यालय संगठन और नवोदय विद्यालय संगठन जिस योजना पर काम कर रहे हैं, उनमें पहले नौवीं से बारहवीं तक के बच्चों को बुलाया जाएगा। वहीं केंद्रीय विश्वविद्यालय सहित दूसरे उच्च शिक्षण संस्थान में अंतिम वर्ष और शोध से जुड़े छात्रों को बुलाया जाएगा। गौरतलब है कि कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों पर सबसे ज्यादा खतरे की आशंका जताई जा रही है।



यूपी में एक जुलाई से खुल सकते हैं स्कूल, छात्रों को स्कूल बुलाने पर संशय

अभी तक यूपी सरकार ने राज्य में स्कूलों को फिर से खोलने की घोषणा नहीं की है। उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा था कि 20 मई से सभी राज्य के सभी स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे और छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं जारी रखी जाएंगी। ऑफलाइन शिक्षण के लिए स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक और कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे। राज्य सरकार ने अपने नए दिशा- निर्देशों में कहा कि विभाग के आदेश के अनुसार ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जाएंगी। शैक्षणिक संस्थान केवल प्रशासनिक कार्यों के लिए खुलेंगे। सरकार ने कहा, बेसिक, सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी स्कूल के शिक्षकों और कर्मचारियों को प्रशासनिक कार्यों के लिए स्कूलों में जाने की अनुमति दी गई है।


इस बारे में प्रदेश के शिक्षा विभाग के अधिकारी पीएन सिंह ने बताया कि प्रदेश में स्कूल एक जुलाई से खुल सकते हैं, लेकिन अभी बच्चों को स्कूल नहीं बुलाया जायेगा। शिक्षकों को स्कूल बुलाया जा सकता है। शिक्षक स्कूल से ऑनलाइन कक्षाएं लेंगे। इसके अलावा 10 और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट के निर्धारण में ये शिक्षक अपनी भूमिका निभा सकते हैं। सरकार के आदेश पर ही स्कूल 30 जून तक के लिए बंद हैं और उनके आदेश पर ही आगे खुलेंगे।


बिहार के शिक्षा मंत्री ने दिए स्कूल-कॉलेज खोलने के संकेत

बिहार एक जुलाई से ऑफलाइन कक्षाओं के लिए स्कूल खोल सकता है। बिहार बोर्ड पहले ही कक्षा 10, 12 की परीक्षा आयोजित कर चुका है और परिणाम भी घोषित कर दिया है। स्कूल- कॉलेज खोलने को लेकर शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि कोरोना के मामले कम होते हैं तो राज्य सरकार और शिक्षा विभाग दोनों ही शैक्षिक संस्थान खोलने के पक्ष में है। ज्यादा स्कूल-कॉलेज बंद होने से छात्रों का नुकसान हो रहा है। 5 अप्रैल से बंद राज्य के शैक्षणिक संस्थान चरणबद्ध ढंग से खुलेंगे। पहले उच्च शिक्षा के संस्थान खोले जाएंगे। फिर उच्च माध्यमिक और उसके बाद माध्यमिक। उसके बाद मध्य विद्यालय और सबसे अंत में प्राथमिक विद्यालय खुलेंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार और विभाग चाहते हैं कि हालात बेहतर रहे तो जुलाई में शैक्षणिक संस्थान खोले जाएं।
कोरोना संक्रमण का खतरा जैसे-जैसे कम हो रहा है, ज्यादातर राज्य अनलाक की तरफ बढ़ रहे हैं।



दिल्ली में ऑनलाइन कक्षाएं चलेंगी
दिल्ली में चल रहे कोरोना संकट के बीच स्कूल ऑनलाइन मोड में काम करना जारी रखेंगे।

मध्य प्रदेश में खुल सकते हैं स्कूल
कोरोना संक्रमण की रफ्तार में कमी आने के बाद मध्य प्रदेश के प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ऐसे में संभावना है कि एमपी में कक्षा पहली से 12वीं तक के स्कूलों को जल्द खोला जाएगा। एमपी के स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि अभी स्कूलों को खोलने को लेकर स्थिति साफ नहीं है। इस संबंध में कैबिनेट का सामूहिक फैसला लिया जाएगा।

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