May 19, 2022

बीएसए दफ्तर पर गरजे प्राइमरी शिक्षक, शिक्षक संघ ने यह भी रखी मांगे

 

● वर्ष 2006 में अनुदानित विद्यालयों के 387 शिक्षकों व कर्मचारियों की वेतन अनुमन्यता का काफी दिनों से लम्बित प्रकरण विधान परिषद की प्रशासनिक व वित्तीय समिति द्वारा निस्तारित किया जाय।

● सेवा नियमावली 1978 संशोधित 2009 में प्रधानाध्यापक की नियुक्ति प्रक्रिया में संशोधन कर प्रधानाध्यापक का पद अर्ह वरिष्ठ सहायक अध्यापक द्वारा प्रोन्नत से भरा जाय।

● शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त अशासकीय असहायिक विद्यालयों के छात्रों को भी एमडीएम व यूनिफार्म की सुविधा दी जाय।

● बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों व कर्मचारियों की तर्ज पर कैशलेस चिकित्सा की सुविधा अशासकीय असहायिक विद्यालयों के शिक्षकों को अनुमन्य की जाय।

● असहायिक जूहा स्कूलों के विद्यालयों के विकास, साफ-सफाई व मरम्मत के लिए परिषदीय विद्यालयों की तरह कम्पोजिट ग्रांट की व्यवस्था की जाय तथा इन विद्यालयों को कायाकल्प योजना में भी शामिल किया जाय।

● जूहा स्कूलों में त्रिभाषा योजना पुन: बहाल की जाए

बलिया, वेतन विसंगतियों समेत विभिन्न मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ ने मंगलवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना दिया। बीएसए को मांग पत्र देने के साथ ही डीएम कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन भेजा।

ज्ञापन के माध्यम से सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों के शिक्षकों ने कहा है कि छह नवम्बर 2019 को सचिव स्तर की बैठक में छह सूत्रीय मांगों पर सहमति बनी थी। इनमें से तीन प्रमुख समस्याएं अभी तक निस्तारित नहीं हुई हैं। जबकि इनसे सबंधित पत्रावलियां बेसिक शिक्षा अनुभाग तीन, वित्त वेतन अनुभाग तथा शिक्षा निदेशक के बीच घूम रही हैं।

संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष सुशील पांडे कान्हजी ने मांग पत्र का जिक्र करते हुए कहा कि सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों के प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों के सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुसार पुनरीक्षण के बाद चयन या प्रोन्नत वेतनमान स्वीकृत होने पर वेतन निर्धारण का शासनादेश अभी तक जारी नहीं किया गया है। जबकि माध्यमिक व बेसिक शिक्षकों का किया जा चुका है। इसके अलावा सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत लिपिकों को ग्रेड वेतन 1900 के स्थान पर दो हजार का शासनादेश सभी कर्मचारी संवर्गों में जारी हो चुका है लेकिन सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों के लिपिकों का शासनादेश निर्गत नहीं हुआ है।

कहा कि सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत शिक्षकों व कर्मचारियों के लिये एक जनवरी 2006 से लागू वेतन संरचना में सामूहिक बीमा की धनराशि बढ़ाने का माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए शासनादेश आ चुका है। जबकि सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों के लिपिक व कर्मचारियों का शासनादेश जारी नहीं हुआ है। इसके चलते शिक्षकों व कर्मचारियों को समय से लाभ नहीं मिल पा रहे हैं।


इस दौरान प्राशि संघ के जितेन्द्र सिंह, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के मंत्री वेदप्रकाश पांडे, अनिल सिंह, अशोक केसरी, सुधीर उपाध्याय, श्यामनारायण सिंह, राजेन्द्र यादव, शारदा सिंह, उर्मिला सिंह, श्यामनारायण यादव, बैकुण्ठ नाथ पांडे, पुष्पराज सिंह, राजेश सिंह, अभिषेक उपाध्याय मोनू, रामप्रताप सिंह, अनूप सिंह, विजय प्रताप ओझा, कमलेश तिवारी थे।

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